ख्वाब

सौंदर्य सृष्टी का सौंदर्य अनुपम होता है। बस देखनेवाले को नजरिया होना चाहिए। सौंदर्य एक ऐसी भावना है जिसे अनुभव किया जा सकता है। कोई भी उसे अनुभव कर सकता है। छोटे से लेकर बडे तक, बुढ़े बच्चे सब उसे महसूस कर सकते है।

       सौंदर्य की व्याख्या हर जीव की हिसाब से बदल सकती है। कोई उसे पत्थरों में भी देख सकता है।  कोई उसे झरनों पहाडों मे देखता है। कोई उसे पेड पौधों मे, अपने खेत खलियानोंमे देखता है। एक वैज्ञानिक अपनी खोज में उसकी सुंदरता का अनुभव करता है।  एक कामुखी पुरुष स्त्रियों की तन में, एक शारीरिक सुडौलतामें, एक सामान्य मानव उसे हर चीज में देख सकता है।

   एक प्रेमी अपने लव्हर में , एक अच्छा पती अपनी पत्नी में  उसे अनुभवता है। इसलिए सौंदर्य अपने जीवन का अविभाज्य अंग है। अपने जीवन का सार है।

देखे   तो सब सुंदर है, अनदेखा तो सब बेकार है।